हमसे रखो न खार, किताबें कहती हैं। हम भी चाहें प्यार, किताबें कहती हैं। घर के अंदर हमसे रखो न खार, किताबें कहती हैं। हम भी चाहें प्यार, किताबें कहती हैं। ...
यादें कुछ कहती हैं यादें कुछ बताती हैं यादें कुछ सुनती हैं यादें कुछ कहती हैं यादें कुछ बताती हैं यादें कुछ सुनती हैं
मैं औरत हूं, बहन हूँ ,बेटी हूं, मां हूं,अभिमान हूं, अभिशाप नहीं। सिर्फ रोटियां सेंक मैं औरत हूं, बहन हूँ ,बेटी हूं, मां हूं,अभिमान हूं, अभिशाप नहीं। सिर...
जब भी कोई दुष्कर्म करे तो मुझको ग़लत बताते हो, क्या सिर्फ लिबास ही दिखता है, मां, बहन जब भी कोई दुष्कर्म करे तो मुझको ग़लत बताते हो, क्या सिर्फ लिबास ही दिखता है...
यह फ़क्र नही यह फर्क है। यह फ़क्र नही यह फर्क है।